पीरियड का दर्द कैसे कम करें?HealthPlanet

Posted on Thu 15th Dec 2022 : 16:10

अगर आप मेंस्टुअल साइकिल में होने वाले दर्द से पीड़ित हैं, तो आप अकेली नहीं हैं। ज़्यादातर महिलाओं को अपने जीवन में पीरियड्स में कभी न कभी अलग-अलग तरह के दर्द या डिस्मेनोर्हिया (क्रैम्प) का अनुभव होता है। ज़्यादातर महिलाएँ मेंस्टुअल साइकिल में होने वाले दर्द से पीड़ित होती हैं, यानि बेचैनी और पेट में हल्का दर्द होना खासकर पीरियड शुरू होने वाले दिन। हालाँकि, सिर्फ कुछ प्रतिशत महिलाएँ ही मेंस्टुअल क्रैम्प से इतनी परेशान होती हैं कि वे अपने रोज़ाना के काम भी ठीक से न कर पाएँ।

ऐसे कई तरीके हैं जिनसे पीरियड्स में होने वाले दर्द से कुछ समय के लिए आराम मिल सकता है और इन्हें घर पर आसानी से किया जा सकता है जैसे:

आराम करें। आरामदायक स्थिति में एक झपकी लें या बाथटब में एसेंशियल ऑयल डालकर आराम से लेटने से दर्द में आराम मिल सकता है।
गर्मी से दर्द में आराम मिल सकता है। आप या तो एक गर्म पेन रिलीफ पैड का इस्तेमाल कर सकते हैं या सही तापमान पर एक गर्म पानी के बैग का इस्तेमाल कर सकते हैं।
अपने पेट और पीठ के निचले हिस्से की हल्की मालिश करने से भी दर्द कम हो सकता है।
कुछ हल्के व्यायाम करने की करें जो पेल्विक (श्रोणि) क्षेत्र में रक्त के प्रवाह को बेहतर करने में मदद करें।
मार्गदर्शन में मेडिटेशन करना और गहरी सांस लेने जैसी रिलैक्सेशन टेक्निक आज़मा कर देखें।
अगर आपको समय नहीं मिलता है और आप आराम नहीं कर सकते हैं, तो दर्द की दवा का इस्तेमाल करना चाहिए।
पीरियड्स के dos and don’ts आपके पीरियड्स को और ज़्यादा आरामदायक बना सकते हैं।

लेकिन जब एक्सपर्ट्स से पूछा गया कि लंबे समय तक मेंस्ट्रुएशन के दर्द को कैसे कम किया जाए, तो उनका जवाब था जीवनशैली में कुछ बदलावों को अपनाकर जैसे:

कैफीन के सेवन को कम करना।
धूम्रपान और शराब कम करना।
हफ्ते में पाँच दिन हर दिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करने से कम दर्दभरे पीरियड सहित कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। यह आपको अपना वजन सही बनाए रखने में मदद करता है जिससे अनियमित मेंस्ट्रुअल साइकिल की संभावना कम होती है।
खाने में ऐसी चीज़ें शामिल करना जो फाइबर और प्रोटीन से भरपूर हों। अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियाँ, मेवे, ढेर सारे फल और सलाद शामिल करें।
ऐसे खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों के सेवन से बचें जिनमें चीनी की मात्रा ज़्यादा हो। जितना हो सके डिब्बाबंद फलों के जूस और मीठे सोडा वाले ड्रिंक के बदले ताजे फलों का जूस लें।
खाने में नमक की मात्रा कम कर दें। ज़्यादा नमक से बहुत ज़्यादा वॉटर रिटेंशन हो सकता है जो PMS का एक सामान्य लक्षण है।
अपने हेल्थ केयर प्रोवाइडर से परामर्श करें और विटामिन सप्लिमेंट लेना शुरू करें।

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